भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी
फॉरेक्स रिजर्व में 1.08 अरब डॉलर का इजाफा
नई दिल्ली। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार मजबूत बना हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 17 जुलाई को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 1.08 अरब डॉलर बढ़कर 676.237 अरब डॉलर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी मुद्रा भंडार में यह बढ़ोतरी भारत की आर्थिक मजबूती और बाहरी भुगतान क्षमता के लिए सकारात्मक संकेत है।
आरबीआई द्वारा जारी साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी का मुख्य कारण विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) में हुई वृद्धि रही। समीक्षाधीन सप्ताह में यह घटक 4.549 अरब डॉलर बढ़कर 551.057 अरब डॉलर तक पहुंच गया। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राएं भी शामिल होती हैं, जिनके विनिमय दर में बदलाव का असर कुल भंडार पर पड़ता है।
हालांकि, इसी अवधि में देश के स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) के मूल्य में कमी दर्ज की गई। आरबीआई के अनुसार, गोल्ड रिजर्व 3.48 अरब डॉलर घटकर 101.749 अरब डॉलर रह गया। वहीं, विशेष आहरण अधिकार (SDR) में 44 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 18.67 अरब डॉलर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भारत की आरक्षित स्थिति 32 मिलियन डॉलर घटकर 4.761 अरब डॉलर रह गई।
इस वर्ष फरवरी के अंत में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। इसके बाद वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण इसमें गिरावट देखने को मिली। उस दौरान रुपये पर दबाव कम करने के लिए आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करते हुए डॉलर की बिक्री भी की थी।
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, मौजूदा स्तर पर विदेशी मुद्रा भंडार का मजबूत बने रहना भारत की आयात क्षमता, रुपये की स्थिरता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता को मजबूती प्रदान करता है।

