तमक नाले में लापता हवलदार पंकज की तलाश तेज, SDRF-NDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं
50 से ज्यादा जवान रेस्क्यू में तैनात
चमोली। ज्योतिर्मठ तहसील के ग्राम लोंग सेगड़ी के पास तमक नाले में अतिवृष्टि के बाद आए तेज बहाव और मलबे की चपेट में आकर लापता हुए हवलदार पंकज की तलाश में रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन की निगरानी में पुलिस, SDRF, NDRF, सीमा सड़क संगठन और गढ़वाल राइफल्स की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
जानकारी के अनुसार, सीमा सड़क संगठन की 123 इकाई में तैनात चालक पंकज तमक नाले में अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने के बाद लापता हो गए। घटना के बाद से ही रेस्क्यू टीमें नाले के आसपास मलबे, जलधाराओं, नदी के किनारों और अन्य संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन कर रही हैं।
50 से ज्यादा जवान और तीन एक्सकेवेटर जुटे
लापता हवलदार की तलाश में 123 इकाई और गढ़वाल राइफल्स के 50 से अधिक जवानों के साथ तीन एक्सकेवेटर लगाए गए हैं। इसके अलावा SDRF और NDRF की टीमें भी अभियान में सक्रिय हैं। दुर्गम इलाकों में सर्चिंग के लिए दो प्रशिक्षित सर्च एंड रेस्क्यू डॉग और ड्रोन की मदद ली जा रही है।
मलबा हटाकर खंगाले जा रहे संभावित स्थान
रेस्क्यू टीमों द्वारा भारी बोल्डर और मलबे को एक्सकेवेटर की सहायता से हटाया जा रहा है। इसके बाद उन स्थानों की बारीकी से जांच की जा रही है, जहां लापता व्यक्ति के होने की संभावना हो सकती है। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए Ground Penetrating Radar (GPR) समेत अन्य सर्च और डिटेक्शन उपकरणों से भी संभावित स्थानों की जांच की जा रही है।
नाले से आगे नदी के दोनों किनारों पर भी सर्च अभियान का दायरा बढ़ाया गया है। टीमें व्यवस्थित तरीके से एक-एक संभावित स्थान को चिन्हित कर उसकी जांच कर रही हैं, ताकि कोई क्षेत्र छूट न जाए।
प्रशासन की निगरानी में जारी है अभियान
जिला प्रशासन पूरे सर्च ऑपरेशन की लगातार निगरानी कर रहा है। मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीमों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के साथ अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। तमक नाले से लेकर नदी के किनारों तक लगातार सघन खोजबीन की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता हवलदार पंकज का जल्द से जल्द पता लगाना है।

