हरमनप्रीत कौर का बड़ा फैसला, छोड़ी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी
हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को बड़ा ऐलान करते हुए टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी। लंबे समय तक टीम की कमान संभालने वाली हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कप्तानी छोड़ने का निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन अब वह एक खिलाड़ी के तौर पर अपने क्रिकेट सफर को आगे बढ़ाना चाहती हैं।
हरमनप्रीत ने अपने भावुक संदेश में कहा कि कप्तानी के दौरान उन्हें कई यादगार पलों के साथ-साथ मुश्किल दौर, आलोचनाओं और निराशाओं का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए अपने लंबे सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा टीम को अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर रखा।
37 साल की उम्र में कप्तानी को कहा अलविदा
हरमनप्रीत कौर ने भारतीय टीम की कप्तानी लंबे समय तक संभाली। उन्होंने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया। कप्तान के तौर पर उनका हालिया बड़ा पड़ाव पिछले महीने रहा, जब उन्होंने निशिन में भारतीय टीम को लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
बीसीसीआई के साथ बैठक के बाद आया फैसला
कप्तानी छोड़ने का यह ऐलान उस अहम बैठक के ठीक एक दिन बाद आया, जिसमें हरमनप्रीत कौर, उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया से मुलाकात की थी। गुवाहाटी में हुई इस बैठक में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के भविष्य और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई थी।
टीम को रखा हमेशा सबसे आगे
हरमनप्रीत ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपना पूरा योगदान दिया। कई मौकों पर उन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, विकास और निजी महत्वाकांक्षाओं से समझौता किया, क्योंकि उनके लिए टीम का हित सबसे महत्वपूर्ण था।
उन्होंने कप्तानी के दौरान लिए गए कठिन फैसलों और उन पर हुई आलोचनाओं का भी जिक्र किया। हरमनप्रीत के मुताबिक, हर फैसला सभी को पसंद आए, यह जरूरी नहीं था, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा टीम को मजबूत बनाना और नई खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देना रहा।
हार, आलोचना से लेकर विश्व कप की ऐतिहासिक जीत तक
भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए हरमनप्रीत ने कई उतार-चढ़ाव देखे। उन्होंने मुश्किल हार, निराशा, आलोचना और दबाव का सामना किया तो वहीं जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने का गौरव भी हासिल किया।
विश्व कप जीत के बाद कप्तानी छोड़ने का उनका फैसला इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अपने कार्यकाल को एक यादगार उपलब्धि के साथ समाप्त किया है। हरमनप्रीत ने कहा कि अब उन्हें विश्वास है कि भारतीय महिला टीम के पास आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा और मजबूत आधार मौजूद है।
‘मुझे लगता है कि मैंने अपनी ड्यूटी पूरी कर दी’
कप्तानी छोड़ने के फैसले को लेकर भावुक हरमनप्रीत ने कहा कि उनके मन में अब भी टीम को लेकर संतोष और विश्वास है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और गर्व के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट की अगुआई करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा।
कप्तानी खत्म, लेकिन क्रिकेट का सफर जारी
हरमनप्रीत कौर ने साफ किया कि कप्तानी छोड़ने का मतलब क्रिकेट से दूरी बनाना नहीं है। वह आगे भी भारतीय टीम के लिए खिलाड़ी के तौर पर खेलती रहेंगी। उन्होंने कहा कि अब वह क्रिकेट को एक अलग नजरिए से जीना चाहती हैं और खेल के प्रति अपने प्यार के लिए मैदान पर उतरना चाहती हैं।
हरमनप्रीत ने अपने साथियों, कोचिंग स्टाफ, टीम प्रबंधन, बीसीसीआई, परिवार और प्रशंसकों का आभार जताया। उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा कि कप्तानी भले ही खत्म हो रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार हमेशा कायम रहेगा और उनका क्रिकेट सफर अभी जारी है।


